पंचायत चुनाव यूपी 2021- सोशल मीडिया पर शुरू हुआ प्रचार, गांवों में पंचायत चुनाव की बहने लगी बयार

  • पंचायत चुनाव यूपी 2021 की तैयारियों में जुटे उम्मीदवार
  • सोशल मीडिया पर शुरू हो गया है बधाईयों का दौर
  • शह मात का खेल हुआ जारी
  • अपना वोट साधने में नहीं छोड़ रहे कसर

उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर तिथियों की घोषणा अभी नहीं की गई है लेकिन अभी से ही प्रत्याशियों द्वारा सोशल मीडिया पर जमकर प्रचार प्रारंभ हो गया है. कोई शुभकामना संदेश दे रहा है तो कोई प्रतिदिन सुप्रभात और शुभ रात्रि करके अपने वोटरों को साधने में जूटा है. इतना ही नहीं कुछ ऐसे भी उम्मीदवार हैं जो गांव में विकास से संबंधित मुद्दा भी वायरल कर रहे हैं जिससे गांव में रहने वाले लोगों को अपने पक्ष में कर सकेंं.

तो इस बार पंचायत चुनाव में भी होगा डिजिटल वार
राज्यसभा विधानसभा चुनाव में आप डिजिटल बार देख चुके होंगे लेकिन अब इस का रुझान आगामी पंचायत चुनाव यूपी में भी देखने को मिलेगा. ऐसा इसलिए है क्योंकि शहरों से सटे गांव में एंड्राइड मोबाइल उपभोक्ता अधिक हैं जो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर सक्रिय हैं. ऐसे में इन वोटरों को साधने के लिए उम्मीदवारों द्वारा सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म का भी सहारा लेना पड़ेगा. वैसे भी अभी तक जो माहौल देखने को मिल रहा है उससे एक बात तो स्पष्ट है की फेसबुक‚ व्हाट्सएप‚ टि्वटर‚ टेलीग्राम और इंस्टाग्राम पर लोग समूह बनाना शुरू कर दिया और अपना प्रचार प्रसार करने में जुटे हुए हैं.

डिजिटल प्रचार में खर्च कम होता है
एक समय था जब पंचायत चुनाव के आते ही घरों के दरवाजे पर और दीवारों पर प्रत्याशियों के पोस्टर चिपका दिए जाते थे यहां तक की विद्युत पोल और सरकारी आवाज भी इससे अछूते नहीं रहते थे. लेकिन गुजरते दौर में पंचायत चुनाव के प्रचार में भी बदलाव देखने को मिल रहा है. हालांकि चुनाव कब कराया जाएगा यह निश्चित नहीं हुआ है लेकिन सोशल मीडिया पर प्रत्याशियों की सक्रियता बता रही है कि इस बार डिजिटल रूप से प्रचार करने की तरफ अधिक लोगों का रुझान है. ऐसा इसलिए भी किया जा रहा है क्योंकि डिजिटल मीडिया पर प्रचार करने का खर्च ना के बराबर है. उन्हीं लोगों के थोड़े बहुत पैसे खर्च हो रहे हैं जिनको बैनर या पोस्टर बनाने नहीं आता है.

इस बार पंचायत चुनाव में युवाओं की रहेगी अधिक खरीदारी
आगामी पंचायत चुनाव यूपी में युवाओं की एक अच्छी खासी भागीदारी देखी जाएगी. जानकारों का कहना है कि ग्राम प्रधान के कार्यकाल में आने वाले सरकारी खजाने के पैसे तथा तमाम सुविधाओं ने युवाओं को आकर्षित किया है. इस सिक्के का दूसरा पहलू यह भी है कि पढ़ाई लिखाई करने के बाद कहीं नौकरी न लग पाने या रोजगार न मिल पाने के कारण युवा वर्ग राजनीति की तरफ भी आकर्षित हो रहा है. जानकारों का यह भी कहना है कि गंवई राजनीति में युवाओं की भागीदारी होने के चलते गांव का भी काफी अच्छा विकास हो सकता है.

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यूपी में पंचायत चुनाव कब होगा
पंचायत चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवार या गांव के लोगों में एक सवाल बना हुआ है कि यूपी में पंचायत चुनाव कब होगा. ऐसे में आपको बता दें कि पंचायत चुनाव को लेकर रूपरेखा तैयार की जा रही है हालांकि अभी तिथियों की घोषणा नहीं की गई है‚ ऐसे में अभी यह बता पाना मुश्किल है कि यूपी में पंचायत चुनाव कब होगा. लेकिन यह संभावनाएं देखने को मिल रही है उससे यह स्पष्ट हो रहा है कि अगले साल अर्थात 2021 के अप्रैल या मार्च मार्च में यूपी में पंचायत चुनाव कराया जा सकता है.

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